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शिवभारतम् • अध्याय 6 • श्लोक 29
अलिकान्तमिलत्कान्तकुन्तलाग्रविराजितम्। सरोजसुन्दरदृशं नवकिंशुकनासिकम्।।
उसके माथे पर सुंदर पढ़े हुए पुंपराले बाल मनोहर लग रहे थे, उसकी कमल जैसी सुंदर आंखें, नाक नये पलाश के फूलों की तरह,
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