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शिवभारतम् • अध्याय 6 • श्लोक 2
सैकदा सुतनुः स्वप्ने दिविषडून्दवन्दितम्। शंखचक्रगदपद्मपाणि श्यामं चतुर्भुजम् ।।
एक बार उस सुंदर रानी ने स्वप्न में देवगणों के द्वारा पूजित एवं बाल लीलाओं को धारण करने वाले विष्णु बेटे को अपनी गोद में बैठा हुआ देखा।
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