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शिवभारतम् • अध्याय 6 • श्लोक 18
ततः कुमारभृत्यासु कुशलाभिरहर्निशम्। कुलशील समृद्धाभिर्वृद्धाभिः समुपासिते।।
फिर वह दिव्य तेजोमय एवं दिव्य रूपवती रानी प्रसूतिगृह में सुशोभित होने लगी। वहां पर प्रसूति कार्य में कुशल एवं कुल तथा व्यवहार से समृद्ध वृद्ध स्त्रियां रात-दिन उसकी सेवा में तत्पर थी।
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