महादानेष्वभिरतिर्धर्मस्य स्थापने मतिः।
समभूवन्नमून्यस्यां दोहदानि दिने दिने॥
बड़े बड़े दान दीजिए, धर्म की स्थापना में बुद्धि लगाइए ऐसी अनेक प्रकार की इच्छाएं उसको प्रतिदिन होने लगी।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।