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शिवभारतम् • अध्याय 6 • श्लोक 13
परिपाण्डुमुखीं सत्ववतीमथ सखीजनः । तामज्ञासीत्पार्श्वसेवी देवीमन्यादृशीमिव।।
उसके पास रहकर उसकी सेवा करने वाली सखियों को वह पाण्डुमुखी गर्भवती रानी अलग ही प्रतीत हो रही थी।
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