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शिवभारतम् • अध्याय 5 • श्लोक 46
इदं निगद्य जगती जगतीनामधीश्वरम्। बभूव तूष्णीमित्युष्णं निश्वसन्त्यश्रुलोचना ।।
इस प्रकार ब्रह्मदेव को बताकर, आंसुओं से युक्त विश्वभरा, गरम श्वास लेकर चुप हो गई।
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