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शिवभारतम् • अध्याय 5 • श्लोक 29
प्रतीचीं ककुभं तावददीचीं तदनन्तरम्। जगृहस्ते बलात् प्राचीमपाचीमपि दुग्रहाम्।।
पहले उन्होंने पश्चिम दिशा को, फिर उत्तर, पूर्व एवं अजेय दक्षिण को भी बल से जीत लिया।
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