पुरा पुरारिमाराध्य जीवेण नपसान्वाहम्।
निषेधाच्कृतिशाखाणां कालः कलिरवर्थत।।
प्राचीन काल में प्रतिदिन की घोर तपस्या से शंकर को प्रसन्न करके, वैदिक शाखों का प्रतिषेध करने में कलिकाल बलवान हो गया।
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