तस्य तस्यामजायन्त पुत्राष्षट् शुभलक्षणाः।
तेषां मध्ये शंभुशिवौ द्वावेवान्वयवर्धनी।।
उनको जीजाबाई से शुभ लक्षणों से युक्त छः बेटे हुए, उनमें से शंभू और शिवाजी दो ही वंशवर्धक हुए।
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