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शिवभारतम् • अध्याय 5 • श्लोक 21
तमिन्दुसुन्दरमुखी सुदती यदुवंशजा। उपाचरन्महाराज गौरीव वृषभध्वजम्।।
जैसे पार्वती ने शंकर की सेवा की, वैसे ही जाधव कुल में उत्पन्न चंद्रमा जैसी सुंदर मुख वाली एवं सुंदर दांतों वाली उस जीजाबाई ने शाहजी महाराज की सेवा की।
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