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शिवभारतम् • अध्याय 5 • श्लोक 1
कवींद्र उवाच- अथ विलराजस्य खेलकर्णादयस्सुताः। धीरेण धर्मराजेन धतराष्टात्मजा इव।।
जैसे धृतराष्ट्र के पुत्र शांतवृत्ति धर्मराज से ईर्ष्या करते थे, वैसे ही विठ्ठलजी राजा के खेलकर्ण आदि पुत्र
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