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शिवभारतम् • अध्याय 4 • श्लोक 62
ततः प्रासवरत्रासपराहतमदद्विपः। प्रतापी ताम्रवदनः स पराचीनतां ययौ ।।
तब वह प्रतापी मुगल, शत्रु के उत्कृष्ट भाले के भय से अपने मदमस्त हाथियों को पीछे हटता हुआ देखकर वह स्वयं पीछे हट गया।
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