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शिवभारतम् • अध्याय 4 • श्लोक 39
शरासनानां सज्जानां टंकारेण महीयसा। स्फुरन्तीनां पताकानां ममरेण च भूयसा ।।
तत्पर धनुषों की भीषण टंकार, वायु से फड़कने वाले झंडों की तेज़ फड़फड़ाहट,
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