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शिवभारतम् • अध्याय 4 • श्लोक 2
प्रभूताभिजनं भूरिबलौघपरिवारितम्। प्रतिपक्षज्यानिपरं पविपाणिमिवापरम्।।
बड़े परिवार वाले, विशाल सेना से युक्त, विपक्ष का नाश करने वाले, मानो वे साक्षात् इंद्र ही हो, ऐसे यादवराज अत्यंत अपराजेय है,
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