द्विजातिना नृसिंहेन पिंगळोपाभिधाभृता।
जगद्देवतनूजेन सुन्दरेण च भूभुजा ।।
ब्राह्मण नंसिह पिंगले, जगदेव के पुत्र सुंदरराज,
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।