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शिवभारतम् • अध्याय 4 • श्लोक 15
तथा विठ्ठलराजेन काण्टिकेनानुभाविना। दत्ताजीनागनाथेन मंबेन च यशस्विना ।।
वैसे ही गौरवशाली विठ्ठलराज कांटे, दत्ताजी जगन्नाथ, यशस्वी मंबराजा
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