अथास्मत्तो न भेतव्यमेतव्यमपि च त्वया। तत्र पल्लीवने यत्र दातव्यमभयं मया।।
तो तू हमसे भयभीत मत हो और पाली में तुझे अवश्य आना है क्योंकि तुझे मैं वही अभयदान दूंगा।
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