अतः स कुपितोऽप्युच्चैर्दैवादात्तदयस्त्वयि । बतादिशद्यथाद्य त्वां तथा वक्ष्ये निशम्यताम् ।।
अतः वह अतिशय क्रुद्ध होते हुए भी सौभाग्य से तेरे पर दया करके उसने आज तुझे जो आज्ञा दी है, वह बताता हूं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।