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शिवभारतम् • अध्याय 31 • श्लोक 6
अतः स कुपितोऽप्युच्चैर्दैवादात्तदयस्त्वयि । बतादिशद्यथाद्य त्वां तथा वक्ष्ये निशम्यताम् ।।
अतः वह अतिशय क्रुद्ध होते हुए भी सौभाग्य से तेरे पर दया करके उसने आज तुझे जो आज्ञा दी है, वह बताता हूं।
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