दूत बोला - आदिलशाह की सहायता करके तूने शिवाजी राजा के साथ बहुत अपराध किए और संगमेश्वर में स्थित शिवाजी की सेना पर रात में तूने सेना के साथ बड़ी निर्भयता से आक्रमण किए वह तेरे महान् अपराध है, ये प्रभावली के राजा विश्वविजेता शिवाजी द्वारा कैसे सहन किये जाए।
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