शत्रुओं के लिए जो अजेय है ऐसा जिसका यश विख्यात है, उस शत्रु राजा के सिंहासन को उसने अपने पैरों से लात मार दी, उस समय वह लोगों को महाभिमानी प्रतीत हो रहा था।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।