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शिवभारतम् • अध्याय 31 • श्लोक 28
समर्थेन समं तेन संपरायममुं वयम्। अकूपारमिवापारं पारविष्यामहे कथम् ।।
उस समर्थ से होने वाले युद्ध से अपार समुद्र की तरह कैसे पार पाओगे?
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