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शिवभारतम् • अध्याय 31 • श्लोक 27
सूर्यराज उवाच - कृतकर्मा महाबाहुः सुरासुरनरैर्नुतः । सुतः शाहनरेन्द्रस्य नैकसैनिकसंयुतः ।। श्रृंगारपुरमादातुमस्मत्तोऽद्य बतोद्यतः । अज्ञात एव निकटे कूटयोधी किलागतः ॥
सूर्यराज बोला देवो एवं राक्षसों द्वारा पूजित कपट युद्ध करने वाला कर्तव्य युक्त एवं बलवान शिवाजी अनेक सैनिकों को साथ लेकर हमारे से सिंगारपुर को ग्रहण करने के लिए उद्युत होकर वह गुप्त रूप से समीप आ गया है।
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