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शिवभारतम् • अध्याय 31 • श्लोक 11
अथ पल्लीवनाभ्यर्णमुपेत्य शिवभूभृते। विविक्ते सूर्यराजोक्तं वचनं व्याजहर सः ।।
फिर पाली जाकर उसने शिवाजी राजा को सूर्य राजा के वचनों को एकांत में बताया।
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