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शिवभारतम् • अध्याय 31 • श्लोक 10
ततो वार्तावहादित्थं निशम्य शिवभाषितम्। शृंगारपुरभूपालो याहि यामीत्युवाच तम्।।
तब इस प्रकार दूत से शिवाजी के वचनों को सुनकर 'तू जा मैं आता हूं' इस प्रकार सिंगारपुर का राजा उससे बोला।
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