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शिवभारतम् • अध्याय 30 • श्लोक 6
महाजनेनोपहतैरनेकै रत्नराशिभिः । तत्र तस्मै विदूराद्रिरविदूर इवाभवत्।।
वहां महापुरुषों द्वारा अर्पित की गई रत्न राशि से वह भी दूर रत्नों का पर्वत मानो समीप स्थित हो गया हो।
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