चमकदार रत्नों से जड़ित अंगूठी के चमक से जिसके नाखूनों की कांति चित्र विचित्र हो गई है ऐसे पगड़ी रहित मस्तक के पास में पड़े हुए हाथ पैर और आकाशीय विद्युत के समान चमकने वोली तलवारों से टूटे हुए एवं जिनके ऊपर अनेक रक्त प्रवाह का संचय है ऐसे दूसरे अवयव थे जिसके कारण से वह भूमि दुर्गम हो गई थी।
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