तब स्वयं की हुई जयघोषों की ध्वनियों ने मेघ की गरजना को ग्रसित कर लिया जिनके हाथों में तलवारे चमक रही है एवं जो पग पग पर मारने के लिए उद्यत हैं ऐसे शत्रु के विशाल भीड़ में विचलित ना होने वाले एवं उत्तम धनुर्धारी सैनिकों ने उसकी रक्षा की।
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