मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
शिवभारतम् • अध्याय 30 • श्लोक 17
अथाभिमानैकधनः प्रभावी स भूपतियेदिलशासनेन। दधी धियं वैरमयीं मदेन करीव सिंहेन समं शिवेन ।।
तब उस अत्यंत अभिमानी एवं पराक्रमी राजा ने आदिलशाह की आज्ञा से जैसे हाथी अभिमान से सिंह से द्वेष करता है वैसे ही अभिमान से शिवाजी से शत्रुता की।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें