कवीन्द्र बोले - तत्पश्चात तोपों द्वारा लक्ष्य संघान में विशेष पराक्रमी, प्राकार युद्ध में निपुण, संपत्ति से कुबेर को जीतने वाला में मयनामक असुर की तरह शिल्प कला में निपुण समुद्र संचरण में दुर्जेय, दुर्गम मार्गों का राही यवनों से नीच फिरंगी (पुर्तगीज़ और डच इत्यादि) अनाच्छादन नावों को चलाने में निपुण मलवारों को, अन्य द्वीपों के निवासियों को, अनेक समुद्री व्यापारियों को मदमस्त महान हाथी के समान शत्रु मांडलिक को उस बलवान शिवाजी ने बलपूर्वक लाकर उसको विभिन्न करों को देने के लिए बाध्य किया।
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