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शिवभारतम् • अध्याय 3 • श्लोक 6
पर्वतप्रांशुवपुषः सहस्त्रांशुसमत्विषः। भूयसा भुजसारेण भूरिणाभिजनेन च।।
पर्वत की तरह उन्नत शरीर वाले, सूर्य की तरह तेजस्वी, अपने अतिशय भुजा बल तथा विशाल परिवार,
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