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शिवभारतम् • अध्याय 3 • श्लोक 56
सुतस्य कारयामास यादवः कार्यमुत्तरम्। भ्रातुज्येष्ठस्य विधिवत् खेलकर्णस्तदुत्तरम्।।
यादवराज ने अपने बेटे की और खेलकर्ण ने भी अपने बड़े भाई की विधिवत् उत्तरविधि की।
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