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शिवभारतम् • अध्याय 3 • श्लोक 40
तस्मिन् रोषसमाविष्टे यादवानामधीश्वरे। सपर्वतवनद्वीपा वसुधा समर्कपत।।
उस यादवराज को क्रोधित देखकर धरती, पहाड़, जंगल, द्वीप आदि भी कांपने लगे।
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