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शिवभारतम् • अध्याय 3 • श्लोक 37
तेन यादववीरेण धीरेणामित्रघातिना। संभराजं समासाद्य बिभिदे मित्रमण्डलम् ।।
ऐसे समय में उस वीर शत्रु संहारक यादव (दत्तवर्मा) की संभाजी के साथ मुलाकात हुई और वे मर गये।
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