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शिवभारतम् • अध्याय 3 • श्लोक 29
यादवानां तदद्धापि सांबंधिकमलक्षयन्। ररक्ष पक्ष संभस्य भ्राता शाहमहीपतिः ।।
वहीं संभाजी के भाई शाहजी राजा ने यादव के रिश्ते की खुलकर अनदेखी करते हुए संभाजी का पक्ष संभाल लिया।
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