यादवानां तदद्धापि सांबंधिकमलक्षयन्।
ररक्ष पक्ष संभस्य भ्राता शाहमहीपतिः ।।
वहीं संभाजी के भाई शाहजी राजा ने यादव के रिश्ते की खुलकर अनदेखी करते हुए संभाजी का पक्ष संभाल लिया।
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