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शिवभारतम् • अध्याय 3 • श्लोक 15
ततः खण्डार्गलाख्यस्य नृपस्याप्रेसरः करी। मर्दयन्नन्यसैन्यानि प्रचचाल बलाद्वली ।।
उस समय खण्डार्गल नामक राजा का अग्रणी बलवान हाथी अन्य राजाओं की सेनाओं को रौंदता हुआ वेगपूर्वक निकल गया।
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