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शिवभारतम् • अध्याय 3 • श्लोक 1
कवींद्र उवाच- अथ विठ्ठलराजे स्वे पितृब्येपि दिवं गते। नृपतीतिविधिज्ञेन मातुर्वचनवर्तिना ।।
कविंद्र कहते हैं- बाद में अपने चाचा विठ्ठलजी के भी परलोक चले जाने पर, अपनी माता की आज्ञा का पालन करने वाले,
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