तब उसकी आज्ञा से ब्राह्मण नीलकंठ राजा का पुत्र, विभिन्न युद्धों द्वारा प्रसिद्धि को प्राप्त हुआ, पदाति सेना का अधिपति उच्चकुल वंशी, योद्धा, तानाजी मालुसरे इनके साथ शत्रु के आक्रमण के कारण से विचलित होकर संगमेश्वर आ गया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।