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शिवभारतम् • अध्याय 29 • श्लोक 57
ततोऽधिकारिभिम्लेंच्छजनैस्तत्क्षणमुज्झितम्। संगमेश्वरयोगेन संगमेश्वरसंज्ञकम् ।। नगरं स्ववशीभूतं प्रभूतद्विजदैवतम्। दृष्ट्व मनुष्यदेवर्षिर्देवर्षिस्थानमीयिवान्।।
तत्पश्चात् मुगल अधिकारियों द्वारा तत्क्षण छोड़े गये संगमेश्वर के संबंध से संगमेश्वर नाम वाले एवं अत्यधिक ब्राह्मणों एवं देवताओं से युक्त नगर के अपने अधीन हो जाने से वे राजर्षि देवरुखास देवर्षिस्थान की ओर गये।
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