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शिवभारतम् • अध्याय 29 • श्लोक 54
अथासौ कालकामाभ्यां भ्रातृभ्यां परिवारितम्। भक्तिमान् भृशमर्हाभिर्भार्गवं समभावयत्।।
तत्पश्चात् जिसके दोनों ओर काल एवं काम ये दोनों भाई है, ऐसे परशुराम की उस अत्यन्त भक्तिमान् शिवाजी ने पूजा की।
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