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शिवभारतम् • अध्याय 29 • श्लोक 51
शिवस्तु सूर्यराजस्य जसवंतसू चापि तत्। कर्म नामन्यतान्यायूं परायत्तावुभाविति ।।
किन्तु सुर्यराजा एवं जसवंत राजा का वह कार्य शिवाजी को अनुचित नहीं लगा, क्योंकि वे दोनों ही पराधीन थे।
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