तब पाली को, राजा महाबाहु जसवंत स्वयं पहले की गई सिद्दी जोहर की सहायता को स्मरण करके दुष्टों के यमराज शिवाजी को समीप आया हुआ देखकर भयभीत होकर तुरन्त उसने श्रृंगारपुर के राजा का आश्रय ले लिया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।