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शिवभारतम् • अध्याय 29 • श्लोक 41
शिवराज उवाच - यान्यहं येदिलायत्तराष्टऽक्रमणकर्मणे। इहैव तु त्वया स्थेयं ताम्रानननिबर्हणे ।।
शिवाजी बोले - आदिलशाह के अधीन राष्ट्र पर आक्रमण करने के लिए मैं जाता हूँ किन्तु तू मुगलों का विनाश करने के लिए तुम इसी स्थान पर रहो।
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