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शिवभारतम् • अध्याय 29 • श्लोक 27
शिवराज उवाच - यर्हि प्रपद्यसे तर्हि स्वीयया सेनया सह। निर्वाहि विषयादस्मादास्तेऽस्मदभयं तव।।
शिवाजी बोलें - यदि तू शरण आया है तो इस प्रदेश से अपनी सेना के साथ निकल जा, हमारा तुझे अभय है।
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