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शिवभारतम् • अध्याय 29 • श्लोक 25
अनुमन्यस्व मां तस्मात् त्वमस्मिन् विषये नृप। प्रपन्नपालनमरो भवानिव भवानिह ।।
अतः हे राजा! इस प्रदेश से बाहर जाने की आप मुझे आज्ञा दीजिए। इस संसार में शरणागत की रक्षा करने वाले आप जैसे आप ही है।
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