हंत द्वित्राण्यहान्यत्र मया लब्धं न जीवनम्। तस्मादभयदानेन देहि मे मम जीवनम् ।।
क्या बताऊं! दो-तीन दिन तक मुझे यहाँ पानी भी नहीं मिला, अतः अभयदान देकर मुझे जीवनदान दें।
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