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शिवभारतम् • अध्याय 29 • श्लोक 18
नहान्यवशतां गंता गुप्तोऽयं विषयस्त्वया। मणिः फणाधरेणेव चिरं स्वयमुरीकृतः ।।
नाग द्वारा दीर्घकाल तक स्वयं धारण किये गए मणि के समान यह आपके द्वारा रक्षित देश दूसरे के अधीन नहीं हो पायेगा।
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