दूत उवाच -
यं कारतलबं नाम लंकापतिमिवापरम्। अजय्यं जानते लोकाः स त्वां विज्ञापयत्यदः ॥
दूत बोला - जिस कारतलब नाम के सेनापति को लोग मानो दूसरा दुर्जेय रावण समझते है, वह आपसे इस प्रकार निवेदन करता है।
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