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शिवभारतम् • अध्याय 29 • श्लोक 10
तदद्य सद्य एव त्वं तं प्रपद्य महीभृतम्। अये ससैन्यमात्मानं मृत्युपाशाद् विमोचय ।।
अतः तू आज तत्काल उस राजा शिवाजी की शरण में जाकर अपने को सेनासहित मृत्युजाल से बचा ले।
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