तब उस अरण्य के मध्यभाग में उस युवा योद्धा के तेज का घर ही हो ऐसे धैर्यवान् धनुर्धारी अमरसिंह ने विचलित न होते हुए अरण्य के मध्यभाग में बाणों की वर्षा करके शत्रुसेना का संहार करते हुए युद्ध को सुशोभित कर दिया।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
शिवभारतम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
शिवभारतम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।