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शिवभारतम् • अध्याय 28 • श्लोक 66
अधस्तादथ सह्याद्रेः समायातं पुरः पुरः। न्यरीत्सीदध्वनोर्मध्ये तं शिवो भ्येत्य विद्विषम्।।
फिर सह्याद्री से उतरकर आगे आये हुए उन शत्रुओं पर शिवाजी ने चतुरता के साथ मार्ग में ही आक्रमण कर दिया।
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